भाई के साथ डिलीवरी कराने अस्पताल आई युवती, जाते वक्त बच्चे को कचरे के ढेर में फेंका
सूरजपुर जिले के भैयाथान के ग्राम करौटी में गुरुवार को एक ग्रामीण ने नवजात बच्चे को कचरे के ढेर में पाया. मिली जानकारी के अनुसार शिवकुमार ग्रामीण अपने खेत में मवेशी चराने जा रहे थे. अचानक उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी.
रोने की आवाज सुनकर जब शिवकुमार वहां गए तो उन्होंने एक नवजात को देखा जो सूखे पत्तों के बीच पड़ा हुआ था. जैसे ही यह बात फैली आस-पास के ग्रामीण बच्चे को देखने पहुंच गए. ग्रामीणों ने तत्काल नवजात को उठाया उसे साफ किया और वहां एक महिला ने बच्चे को अपना दूध भी पिलाया.
नवजात की मौत
ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस चौकी चेन्द्रा में दी और बच्चे को बिना देर किए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे अंबिकापुर जिला अस्पताल में रेफर कर दिया. जहां शुक्रवार को इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई.
पुलिस कर रही जांच
ग्रामीणों ने बच्चे के परिवार को तलाशना शुरू किया तो पता चला कि भैयाथान के चेंद्रा अस्पताल में एक युवती की डिलीवरी हुई है. अपने भाई के साथ वह अस्पताल डिलीवरी के लिए आई थी. डिलीवरी के बाद युवती बच्चे और भाई के साथ घर लौट गई. जब करौटी के ग्रामीण उस युवती को ढूंढते हुए एक गांव में उसके घर पहुंचे और पूछताछ की तो उसने बच्चे को खेत में फेंकने की बात स्वीकार की. गांववालों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी है. वहीं चेंद्रा पुलिस मामले की जांच कर रही है.